आसमां से लौटे जमीं के सितारे : सुनीता विलियम्स की साढ़े नौ महीने बाद अंतरिक्ष से वापसी जबकि अभियान था दस दिन का,गुजरात के पैतृक गांव में मनी दीवाली, जानिए ट्रंप ने क्या कहा…

OOभारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने और 17 दिन बाद आज बुधवार को धरती पर वापस आ गए हैं। सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने धरती पर सफल लैंडिंग कर ली है। पूरी टीम की मेडिकल जांच की जा रही है। नासा ने प्रेसवार्ता करके पूरे मिशन को सफल बताया है। नासा ने कहा कि सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक हुआ और सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

TTN Desk

अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की 9 महीने बाद अंतरिक्ष से वापसी हो गई है. दोनों स्पेसएक्‍स के ड्रैगन कैप्‍सूल के जर‍िए धरती पर उतरे. सुनीता की धरती पर वापसी का जश्न मनाया जा रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से कहा, जब मैं राष्ट्रपति बनने के बाद ऑफिस में आया तो मैंने एलॉन मस्क से कहा कि हमें उन्हें (सुनीता और बुच विल्मोर) वापस लाना होगा. बाइडेन ने तो उन्हें ऐसे छोड़ दिया है जैसेउन्हें त्याग दिया हो. अब वे वापस आ गए हैं.पहले उन्हें स्वस्थ बेहतर होना होगा और जब वे बेहतर हो जाएंगे तो वे ओवल ऑफिस (राष्ट्रपति ऑफिस) में आएंगे।

O जो वादा किया वो निभाया : ट्रंप

इससे पहले व्हाइस हाउस ने एक्स पर लिखा, जो वादा किया, उसे निभाया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने 9 महीने से अंतरिक्ष में फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने का वादा किया था. आज उनकी सुरक्षित रूप से लैंडिंग हो गई है. एलॉन मस्क, स्पेसएक्स और नासा का शुक्रिया.

O सुनीता के चेहरे पर थी मुस्कान,उनके गांव में होने लगा गरबा

सुनीता अमेर‍िकी स्‍पेस एजेंसी नासा की एस्‍ट्रोनॉट हैं. सुनीता जब ड्रैगन कैप्सूल से निकलीं तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी. उन्होंने लोगों का अभिवादन किया. तयशुदा योजना के मुताबिक सुबह 3.27 बजे फ्लोरिडा के समंदर के तट पर सुनीता का यान उतरा. सुनीता की वापसी के बाद आधी रात को ही भारत में जश्न मनने लगा. सुनीता के पैतृक गांव मेहसाणा में सबसे ज्यादा खुशी का इजहार किया गया. लोग गरबा डांस करने लगे. गांव में दिवाली जैसा माहौल था.

O ड्रैगन कैप्सूल से बाहर जब आए तब हुई तसल्ली

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की समदंर के तट पर लैंडिग के बाद का सफर भी काफी रोमांचकारी था. ड्रैगन कैप्सूल को एक जहाज पर रखा गया था. हर किसी का नजर इस बात पर थी कि 17 घंटे के बाद कैप्सूल से निकलने वाले चारों अंतरिक्ष विज्ञानियों की हालत क्या होगी, लेकिन जब एक-एक करके चारों एस्ट्रोनॉट बाहर निकले तो उनके चेहरे पर जोश और जज्बा था.

O 8 जून 2024 को गए थे 10 दिन के लिए मगर…

दरअसल, 8 जून 2024 में सुनीता और विल्मोर बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में सवार अंतरिक्ष में गए थे और उसके बाद वो वापस नहीं लौट पाए. इसे 10 दिवसीय मिशन माना जा रहा था. लेकिन सिस्टम में खराबी आने के कारण दोनों की वापसी नहीं हो सकी.

O केंद्रीय मंत्री ने भी दी बधाई

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स की वापसी पर भारत में जगह-जगह जश्‍न मनाया जा रहा है। सुनीता विलियम्‍स के पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा के झूलावन में लोगों ने रात में ही आतिशबाजी कर जश्‍न मनाया। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री विज्ञान और प्रौद्योगिकी डॉक्‍टर जीतेन्‍द्र सिंह ने भी सोशल मीडिया पर मैसेज लिखकर बधाई दी है।

O पैतृक गांव गुजरात के झूलासन में मनाई गई दीवाली

फ्लोरिडा के तट पर समुद्र में क्रू-9 के स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान के सफल स्प्लैशडाउन जब तक नहीं हुआ सभी की धकड़ने थमी हुईं थीं। ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट की सफल लैडिंग के बाद जैसे ही नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बाहर निकलकर आई तो लोग खुशी से नाचने लगे। सुनीता विलियम्‍स के पैतृक गांव गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन में लोगों ने खुशी मानते हुए पटाखे फोड़े।खुशी के मारे वे गरबा करने लगे।सुनीता यहां दो बार आ चुकी है।उन्हें भारतीय संस्कृति से खास लगाव ये पहले ही कह चुकी है।अंतरिक्ष में वो अपने साथ भगवत गीता भी ले गई थी। को