TTN Desk
इंदौर: अस्पताल के बेड पर घायल पड़े पति ने ब्रेनडेड पत्नी की मांगों में सिंदूर भरा है और आखिर विदाई दी है। सड़क हादसे के शिकार पति की हालत ऐसी थी कि अंतिम वक्त में पलटकर अच्छे से पत्नी का चेहरा भी देख नहीं पा रहे थे। पत्नी का शरीर भले ही नश्वर हो गया है लेकिन उन्होंने जाते-जाते तीन लोगों को नई जिंदगी दी है। दो लोगों को किडनी और एक व्यक्ति को आंखें दी है।
O माथे पर बिंदी,मांग में सुंदर…जिसने देखा उसकी आंख भर आई
मध्यप्रदेश में इंदौर में हुए सड़क दुर्घटना ने एक परिवार को सदमे में डाल दिया है। दुर्घटना में घायल पति-पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सभी को भावुक कर दिया।मांग में सिंदूर भरकर दी अंतिम विदा पति ने बेड पर पड़ी अपनी पत्नी की मांग में सिंदूर भरकर उसे अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। पति की आंखों में आंसू थे और वह अपनी पत्नी को खोने के गम से बेहद दुखी था।किडनी और आंखें डोनेट कीशुक्रवार की शाम इंदौर में 58 वां कॉरिडोर बनाया गया।
शाजापुर निवासी है परिवार,दो को किडनी एक को लगी आंखे
सड़क दुर्घटना में घायल शाजापुर निवासी दंपत्ति को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मनीषा राठौर का ब्रेन डेड हो गया। इसके बाद परिवार ने अंगदान करने का निर्णय लिया। महिला की दोनों किडनी और आंखें दान की गईं। दोनों किडनी दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई। परिजनों ने अंगदान की जताई इच्छादरअसल, भूपेंद्र राठौर पत्नी मनीषा राठौर को लेकर भाई दूज पर शाजापुर से इंदौर आये थे। लौटते समय मक्सी रोड पर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।
O डॉक्टरों ने घोषित किया ब्रेन डेड, दो ग्रीन कोरिडोर बनाए गए
गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी को सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां मनीषा की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती गई। इसके। याद डॉक्टरों की टीम ने 7 नवंबर को उनका ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई।अंगदान करने से बेहतर कोई काम नहींपरिजनों की मर्जी पर इंदौर में शुक्रवार को दो ग्रीन कॉरिडोर बने। इनमें से एक सीएचएल अस्पताल से राजश्री अपोलो और दूसरा एमिनेंट अस्पताल के लिए था, जहां दोनों किडनी ट्रांसप्लांट की गई। शंकरा आई अस्पताल को दोनों आंखें दी गई। पति और बेटी ने कहां अंगदान करने से किसी को जीवन मिलेगा, इससे बेहतर कोई काम नहीं हो सकता।
O पति भूपेंद्र है एक शिक्षक जिसने दी यूं अंगदान की अनोखी शिक्षा
पति भूपेंद्र राठौर एक शिक्षक हैं, जबकि बेटी पुणे की एक आईटी कंपनी में काम करती है। अंगदान के पोस्टर से पटा शाजापुर जिलामनीषा राठौर का पार्थिव शरीर शाजापुर पहुंचा। यहां भूपेंद्र के निजी निवास से पत्नी की शव यात्रा मुक्तिधाम तक रथ से निकाली जाएगी। पूरे जिले और रथ में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर भी लगाया गया है।